तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो; आ जाएगा पलट कर गुज़रा हुआ ज़माना!

तुम फिर उसी अदा से अंगड़ाई ले के हँस दो;
आ जाएगा पलट कर गुज़रा हुआ ज़माना!
~ Shakeel Badayuni