बेवफाओं की महफ़िल लगेगी ऐ दिल-ए-जाना; आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-खास हो तुम!

बेवफाओं की महफ़िल लगेगी ऐ दिल-ए-जाना;
आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-खास हो तुम!